जालंधर, 11 जनवरी — जालंधर मोहयाल सभा द्वारा आयोजित “लोहड़ी धीयां दी” उत्सव के दौरान रचनात्मकता और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला। सभा के संगठन सचिव संदीप छिब्बर ने इस अवसर पर अपना नवीन गीत ‘बल्ले बल्ले बल्ले, मोहयाल मित्रा’ भव्य रूप से लॉन्च किया। गीत को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर उपस्थित सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
गीत के सशक्त शब्दों और प्रभावशाली प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। सभा के सदस्यों ने संदीप छिब्बर की रचनात्मक सोच, लेखन क्षमता और संपादन कौशल की सराहना करते हुए उन्हें बधाइयाँ दीं।
इस अवसर पर संदीप छिब्बर ने बताया कि इस गीत का लेखन एवं संपादन उन्होंने स्वयं किया है, और यह मोहयाल संस्कृति, आपसी भाईचारे व उत्सव की भावना को समर्पित है। उन्होंने सभी सदस्यों से गीत देखने के उपरांत अपने बहुमूल्य कमेंट्स और सुझाव साझा करने का भी आग्रह किया।
“लोहड़ी धीयां दी” के मंच पर प्रस्तुत यह गीत न केवल कार्यक्रम की शोभा बना, बल्कि मोहयाल समाज की रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का भी सशक्त प्रतीक सिद्ध हुआ।


