सरलता, सेवा और संस्कारों की अमिट मिसाल: स्वर्गीय सत्यदेव मोहन जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि
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मीठी और मधुर स्मृतियाँ कभी नहीं मिटतीं। स्वर्गीय श्री सत्यदेव मोहन जी का सौम्य व्यवहार, स्नेहिल बातें और समाज के प्रति समर्पण सदैव स्मृतियों में जीवित रहेगा। 94 वर्ष की आयु पूर्ण कर उन्होंने 14 जनवरी 2026 को अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु चरणों में स्थान पाया।
स्वर्गीय सत्यदेव मोहन जी, स्वर्गीय श्री अमरनाथ शास्त्री के सुपुत्र थे। वे सरल, मिलनसार और सेवा भाव से ओतप्रोत व्यक्तित्व के धनी थे। आर्य समाज से उनका गहरा जुड़ाव रहा और उनका पूरा परिवार भी आर्य समाज की विचारधारा से प्रेरित रहा। उनके बड़े भाई स्वर्गीय कृष्ण देव मोहन आज़ाद हिन्द फौज के सिपाही और स्वतंत्रता सेनानी रहे। विभाजन के उपरांत वे कन्या महाविद्यालय में हिंदी के प्राध्यापक रहे तथा आर्य समाज मंदिर, शहीद भगत सिंह कॉलोनी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे।
स्वर्गीय सत्यदेव मोहन जी स्वयं एक सेवानिवृत्त अध्यापक थे। वे अपनी पेंशन का उपयोग धार्मिक, सामाजिक और जनहित के कार्यों में आर्थिक सहयोग हेतु अग्रणी रूप से करते रहे। जालंधर मोहयाल भवन के निर्माण में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा, साथ ही मोहयाल विधवा फंड में भी उन्होंने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उनकी सुपुत्री संगीता मोहन जालंधर मोहयाल सभा महिला विंग की सक्रिय सदस्य हैं और जनसेवा के कार्यों में सदैव अग्रसर रहती हैं।
17 जनवरी को आर्य समाज मंदिर में उठाला / रस्म पगड़ी एवं शोक सभा आयोजित की गई ‌जिसमें बड़ी संख्या में रिश्तेदारों, राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जालंधर मोहयाल सभा के प्रधान नंद लाल वैद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जी.के. बाली, सचिव अशोक दत्ता, संगठन सचिव संदीप छिब्बर, वरिष्ठ सदस्य रविनंदन चौधरी शेरू, एडवोकेट सी.के. छिब्बर, नवीन दत्ता, प्रियांशु दत्ता, आर.पी. मोहन, महिला विंग की वरिष्ठ सदस्य वंदना छिब्बर, विशाखा दत्ता, प्रवीण दत्ता, गीता बाली, नीरज दत्ता सहित अनेक लोगों ने परिवार को सांत्वना दी और पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
दिवंगत आत्मा अपने पीछे सुमन शर्मा – दिनेश शर्मा (बेटी-दामाद) एवं दौहत्री रूही मनीष। उषा कालिया – जसविंदर कालिया (बेटी-दामाद) एवं दौहत्री डॉ. निधि अक्षय शर्मा। सुनीता भारद्वाज – आदर्श भारद्वाज (बेटी-दामाद) तथा संगीता मोहन आर्य (बेटी) अतुल भारद्वाज – आरती भारद्वाज ( दौहित्री) अंचल शर्मा -अभिनन्दन ( दौहित्री अतुल भारद्वाज- डॉ माधव कालिया ( दौहत्रा ) सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
स्वर्गीय सत्यदेव मोहन जी का जीवन सत्य, सेवा और संस्कारों की प्रेरक गाथा रहा, जो समाज को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। उनकी पुण्य स्मृति को शत्-शत् नमन।

अशोक दत्ता सचिव जालंधर मोहयाल सभा रजि

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