अर्पणा अस्पताल में मरीज की जान बचाने एक बार फिर आगे आए दिनेश बक्शी

लक्ष्य जनहित सोसाइटी करनाल
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दिनेश बक्शी ने मानवता की भलाई में 103 वां प्लेटलेट्स डोनेशन किया, अब तक 137 बार किया रक्तदान

करनाल, 18 नवंबर ( बक्शी): समाजसेवा और मानवता की मिसाल बन चुके लक्ष्य जनहित सोसाइटी के फाउंडर दिनेश बक्शी ने एक बार फिर निस्वार्थ भाव से सेवा का उदाहरण दिया। उन्होंने अर्पणा अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज, जिसके प्लेटलेट्स 3000 रह गए थे, कि जान बचाने के लिए अपने प्लेटलेट्स दान किए। दिनेश बक्शी का यह 103 वां प्लेटलेट्स डोनेशन था। इससे पहले भी 25 अक्टूबर को एक मरीज के लिए प्लेटलेट्स डोनेशन की थी ,इसके साथ ही वे अब तक 137 बार रक्तदान भी कर चुके हैं। समाजसेवा के इस अनोखे रिकॉर्ड ने उन्हें जिले के साथ-साथ प्रदेशभर में प्रेरणा का प्रतीक बना दिया है।दिनेश बक्शी महामहिम राज्यपाल के हाथों सम्मानित हो चुके है इसके साथ ही कई मंचों पे सम्मानित हो चुके है । दिनेश बक्शी ने कहा कि रक्त और प्लेटलेट्स डोनेशन सबसे बड़ा दान है, जिससे किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भी आगे आकर समाजहित में रक्तदान और प्लेटलेट्स डोनेशन को अपनी आदत बनाएं। टीम लक्ष्य लगातार रक्तदान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रम चला रही है।लक्ष्य जनहित सोसायटी ऐसे अभियानों को चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। दिनेश बक्शी का मानना है कि मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है उन्होंने कहा कि खून नालियों में नहीं नाड़ियों में बहे और यही वजह है कि वे बिना थके, बिना रुके लगातार समाज की सेवा कर रहे हैं।अस्पताल प्रशासन और मरीज के परिजनों ने दिनेश बक्शी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस कदम से मरीज को नई जिंदगी मिली है।दिनेश बक्शी ने युवाओं से अनुरोध किया कि नशा छोड़े और रक्तदान करे अपने साथ दूसरे का भी जीवन बचाए। वाहन धीमी गति से चलाए आपकी एक गलती की सजा परिवार को सारी उम्र भुगतनी पड़ती है। नशा परिवार का नाश करता है और रक्तदान 3 व्यक्तियों को जीवन देता है जिससे वो परिवार का पालन पोषण कर सके।

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