मोहयाल समुदाय अपने सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में सदैव अग्रणी रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जालंधर के कोट किशन चंद स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां अन्नपूर्णा मंदिर में इस वर्ष भी तुलसी विवाह का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर श्रीमती अन्नू छिब्बर एवं संदीप छिब्बर (श्री दुर्गा मंदिर, अजीत नगर, जालंधर) से भगवान शालीग्राम ठाकुर जी की बारात लेकर डोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की गूंज के साथ मां अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। वहां बारात का स्वागत दृश्य अत्यंत भक्तिमय और आनंदमय था।
भगवान शालिग्राम की बारात में जालंधर मोहयाल सभा के प्रधान नंद लाल वैद, सचिव अशोक दत्ता, सदस्य भुवनेश कुमार बाली परिवार सहित, अंशु छिब्बर, मिनाक्षी छिब्बर शर्मा,आयर्न शर्मा एवं बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।
मां अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचने पर श्रीमती अंजली मेहता एवं राजेश मेहता (6-न्यू प्रेम नगर, जालंधर) तथा मंदिर प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने तुलसी माता की ओर से बारात का पारंपरिक स्वागत किया।
वधू पक्ष की ओर से नाका लगाकर पुष्प वर्षा के साथ वर पक्ष को रोककर शगुन की मांग करनी शुरू कर दी जिसे छिब्बर दंपति ने पूरी की और फिर रीबन को काटकर मंडप में पहुंचे तो भगवान शालिग्राम का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। जय माला के पश्चात विवाह मंडप पर विद्वान पंडितों द्वारा विधि-पूर्वक मंत्रों से पूजा करने के साथ तुलसी विवाह शुरू हुआ। भगवान शालिग्राम और माता तुलसी के फेरे हुए। विवाह संपन्न हुआ। छिब्बर परिवार फूलों से सजी कार में बैड बाजों के साथ डोली लेकर माता दुर्गा मंदिर अजीत नगर को रवाना हुए
विवाह समारोह भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभूति और भक्ति के उल्लास का संगम बन गया। मां अन्नपूर्णा मंदिर परिसर भजनों की मधुर आवाज और पुष्प सज्जा से आलोकित हो उठा। वधू पक्ष की ओर से सभी को जलपान और भोजन परोसा गया। छिब्बर परिवार और मेहता परिवार के तुलसी विवाह निमंत्रण पत्र पर बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य लोग उपस्थित हुए। सभी ने शानदार भाक्तीमय सुयोजित समारोह आयोजित किए जाने की बधाई दी।
इस आयोजन ने न केवल सनातन संस्कृति की अमर परंपरा को पुनर्जीवित किया, बल्कि मोहयाल समाज के एकता, श्रद्धा और सेवा भाव का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रस्तुति:-अशोक दत्ता







