जालंधर (31 मई 2026) जालंधर मोहयाल सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जी.के. बाली के 75वें जन्मदिवस (डायमंड जुबली) के उपलक्ष्य में उनके परिवार द्वारा ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु एक भव्य संकिर्तन समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन आध्यात्मिकता, पारिवारिक एकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर संगम बन गया।

समारोह में जीके बाली के मित्रों, रिश्तेदारों और पारिवारिक सदस्यों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर आयोजन की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम स्थल पर आकर्षक एवं मनोहारी मंदिर की स्थापना की गई। गणेश वंदना के पश्चात जी.के. बाली ने अपने समस्त परिवार के साथ दिव्य ज्योति प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
प्रसिद्ध भजन गायिका सुश्री सीमा मेहता एवं उनकी टीम ने मधुर भजनों और शबदों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर जालंधर मोहयाल सभा के प्रतिनिधिमंडल ने, जिसका नेतृत्व महासचिव श्री एस.के. दत्ता तथा सचिव श्री अशोक दत्ता ने किया, श्री बाली को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
श्री बाली ने अपने बैंकिंग सेवा काल के सहयोगियों तथा पीआईएमएस मेडिकल कॉलेज, जालंधर के कर्मचारियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया। लुधियाना, होशियारपुर और जालंधर से आए उनके सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए वर्षों की स्मृतियों को साझा किया।

जालंधर मोहयाल सभा महिला विंग की सदस्याओं ने, संयोजिका सुश्री सुमन छिब्बर के नेतृत्व में, ज्योति प्रज्ज्वलन में सहभागिता कर समारोह को और अधिक गरिमामय बनाया।
समारोह में सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. हरिंदर सिंह, सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री आर.एल. चौहान तथा डॉ. गिरीश बाली ने प्रेरणादायक एवं सारगर्भित विचार व्यक्त किए। श्री बाली के पौत्र-पौत्रियों ने भी अपने दादा जी से जुड़ी यादों और प्रेरणादायक अनुभवों को साझा किया।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. हरिंदर सिंह, सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री आर.एल. चौहान, डॉ. वी.के. वासुदेव, डॉ. एच.एल. कज़ल, डॉ. अर्चना दत्ता, डॉ. गौरी वासुदेव, डॉ. सुधीर ऋषि, डॉ. गोविना ऋषि तथा पूर्व तहसीलदार श्री प्रवीण छिब्बर शामिल थे। इसके अतिरिक्त उनके घनिष्ठ मित्रों में चरणजीत सरीन, बी.बी. मल्होत्रा, जतिंदर अरोड़ा, सतीश बिघामल, राजवीर सिंह सेखों, अश्विनी गंभीर, संजीव पुरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मोहयाल समाज से डॉ. एम.बी. बाली, शिव शरण दत्ता, संदीप छिब्बर, प्रद्युम्न वैद, राजीव दत्ता, वंदना छिब्बर, विशाखा दत्ता, नवीन दत्ता, संगीता मोहन, अनु छिब्बर, सपना भीमवाल, प्रवीण दत्ता एवं नीरज दत्ता सहित अनेक सदस्य समारोह में सम्मिलित हुए।
समारोह की एक विशेषता यह रही कि जी.के. बाली ने अपने 75वें जन्मदिवस पर केक काटने की परंपरा को अपनाने की बजाय सनातन संस्कृति के अनुरूप दिव्य ज्योति प्रज्ज्वलन को प्राथमिकता दी। साथ ही उन्होंने अतिथियों से किसी भी प्रकार का जन्मदिवस उपहार स्वीकार नहीं किया, जिससे उनकी सादगी, आध्यात्मिक सोच और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान का परिचय मिला।
अंत में सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों ने स्वादिष्ट भोजन एवं संकीर्तन प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की मधुर स्मृतियों को अपने साथ संजोया।
यह समारोह केवल जन्मदिवस का उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।



