भाई मतिदास बलिदान दिवस
लेखक :गोपाल कृष्ण छिब्बर वरिष्ठ अधिवक्ता भोपाल
देश ओर धर्म के लिए शहीद भाई मति दास।
अलौकिक बलिदानी भाई मतिदास छिब्बर सिख के नौवे गुरु तेगबहादुर के दीवान थे भाई मतिदास के पूर्वज सिख गुरुओं के प्रधान रहे थे जिनके बलिदान का इतिहास है इसलिए सिख गुरुओं ने भाई मति दास के पूर्वजों ओर उन्हें भाई का खिताब दिया था।
मुगल सम्राट औरंगजेब के शासन काल मे हिंदुओं पर घोर अत्याचार अमानवीय ओर क्रूर व्यवहार हो रहा था जो इस्लाम कबूल नहीं कर रहा था उन्हें यातनाएं दी जाकर मृत्यदंड दिया जाता था ।
1665 में सिख गुरु तेग बहादुर ने सतलुज नदी के किनारे अनंतपुर साहब को बसाया ओर भाई मति दास को इसका प्रधान बनाया था।
उस समय कश्मीरी पंडितों पर भी अत्याचार हो रहे थे इस्लाम धर्म स्वीकार करने को मजबूत किया जा रहा था कश्मीरी पंडितों एक जत्था सिख गुरु तेग बहादुर से मदद मांगने के लिए भाई मतिदास से संपर्क किया। भाई मातिदास पूरे उत्तर भारत की हिदुओं पर हो रहे अत्याचार से निपटने के लिए गुरु तेग बहादुर से कीरतपुर में जत्थों के साथ मिले।
गुरु तेग बहादुर ओर भाई मतिदास अपने4 अनुयायियों के साथ औरंगजेब से बदला लेने दिल्ली कुच कर गए।
दिल्ली में गुरु तेग बहादुर ओर भाई मतिदास एवं अन्य भाइयों को औरंगजेब ने बंदी बना लिया।
औरंगजेब के काजी ने दो शर्ते रखी या तो वे इस्लाम स्वीकार कर ले या मृत्य को स्वीकार करे।
भाई मातिदास ने मृत्य को स्वीकार करने की शर्त स्वीकार की औरंगजेब ने भाई मति दास को डराने के उद्देश्य से उन्हें आरे से चीरने का आदेश दिया ओर धर्म परिवर्तन के कई प्रलोभन दिए परन्तु भाई मतिदास अडिग रहे।
आखिरकार 9 नवंबर 1675 को भाई मतिदास को दो लकड़ी के पाटों के बीच बांधकर क्रूरता से अरे से चीर दिया।
पुस्तक सूर्या प्रकाश छपी पंजाबी कविता में घटना का विवरण इस प्रकार उल्लेखित है।
मति दास को कौन बुलावन
दो तख्तों में दे बंधावन
हुक्म जालंदा हथी उच्चारा
ले आरा सर तीस पर धारा
आधों अथर्य चरायो सो डार
पड़यों पृथ्वी पर दो फाड़
इतना ही नहीं अगले दिन भाई मतिदास के भाई सतीदास की गरम तेल में डाल कर जला दिया ओर भाई दयाला को रूई में लपेटकर कर जला दिया।
दिल्ली के चांदनी चौक में उनका स्मारक स्थित है जो अब भाई मतिदास चौक कहा जाता है भाई जी का स्मारक गुरुद्वारा शीशगंज के साथ ही स्थित है।
भाई मातिदास के वंशज शहीद भाई बालमुकुंद क्रांतिकारी भाई परमानंद एवं मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल भाई महावीर है जो राष्ट्र ओर धर्म के लिए समर्पित रहे।


