जालंधर। विभाजन की त्रासदी से जुड़ी स्मृतियों को संवेदनशील शब्दों में संजोने वाली श्री सतीश कुमार छिब्बर की संस्मरणात्मक पुस्तक “विभाजन की मीठी, कड़वी, खट्टी यादें” का लोकार्पण जालंधर मोहयाल सभा की मासिक बैठक में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
सभा के सचिव अशोक दत्ता ने कहा यह कृति केवल लेखक की व्यक्तिगत स्मृतियों का संकलन नहीं, बल्कि विभाजन काल के सामाजिक, पारिवारिक और मानवीय अनुभवों का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। पुस्तक में लेखक ने अपने जीवन से जुड़े अनेक ऐसे प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया है, जो उस दौर के संघर्ष, पीड़ा, अपनत्व और मानवीय मूल्यों को पाठकों के सामने जीवंत कर देते हैं।
अमेरिका में रहकर लिखी गई यह पुस्तक नई पीढ़ी को इतिहास के उस अध्याय से परिचित कराने के साथ-साथ विभाजन की त्रासदी और उससे उभरते मानवीय संबंधों का भावपूर्ण चित्रण भी करती है।
मोहयाल मित्रम् के पाठकों की विशेष मांग को देखते हुए इस संस्मरणात्मक कृति का क्रमिक प्रकाशन अब “साहित्य जगत” स्तंभ में किया जाएगा, ताकि पाठक लेखक के अनुभवों और इतिहास के इन अनमोल पन्नों से जुड़ सकें।



