जालंधर मोहयाल सभा में द्वारा भाई मतिदास मोहयाल भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें श्री सतीश कुमार छिब्बर द्वारा ज़िंदगी के खट्टे मीठे अनुभवों पर लिखी पुस्तक “स्वीट, बिटर, सोर” का विमोचन किया गया।सचिव अशोक दत्ता ने बताया कि इंग्लिश और हिंदी में लिखी गई ये पुस्तक अमेज़ॉन पर उपलब्ध है और वैश्विक स्तर पर सराहना बटोर रही है। इस पुस्तक में लेखक सतीश कुमार छिब्बर ने अपने जीवन में हुई सभी महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण विस्तार से दिया है। सात साल की उम्र में विभाजन की त्रासदी झेलने और अपने परिवार के लगभग सभी सदस्यों के मीरपुर में हुये कत्लेआम के भयानक हृदय विदारक सदमें से उभरने और ज़िंदगी में हुए विभिन्न संघर्षो का उल्लेख उन्होंने बड़े ही भावपूर्ण और खुले शब्दों से किया है। इस अवसर पर सभा के प्रधान नन्द लाल वैद ने सतीश कुमार छिब्बर को विशेष बधाई देते हुए बताया कि अभी अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में सैन होज़े में अपने छोटे बेटे सचिन छिब्बर के पास रहते हुए, कूल्हे की हड्डी में हुए फ्रैक्चर के इलाज़ दौरान उन्होंने यह किताब लिख कर सच में उन्होंने अपने अंदर छुपी असीम लेखन की प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। 85 साल की उम्र में भी अपने जन्म से लेकर अब तक हुई छोटी छोटी घटनायों को भी याद रखना और उन्होंने सटीक और प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत करना दिल को छू जाता है। सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जी के बाली ने भी पुस्तक की प्रशंसा करते है कहा कि सतीश कुमार छिब्बर द्वारा लिखित यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिये प्रेरणादायी बनेगी और हर मुसीबत से लड़ने की शक्ति देगी। इस अवसर पर महासचिव एस के दत्ता, उपाध्यक्ष विजय छिब्बर , संगठन सचिव संदीप छिब्बर, प्रदुम्न वैद, रविनंदन चौधरी, सतीश मेहता, उकेश बक्शी, अजय दत्ता, नरेश कुमार मेहता, हरी मोहन बाली, चंद्रमोहन बक्शी, संगीता मोहन, परवीन दत्ता आदि उपस्थित थे तथा सबने सतीश कुमार छिब्बर को विशेष बधाई दी।



