जालंधर: विगत दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा शहर के प्रतिष्ठित डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सभागार में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में जालंधर के विशिष्ट और प्रबुद्ध नागरिकों को आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम में जालंधर मोहयाल सभा के कार्यकारिणी सदस्यों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिसे सभा के लिए गौरव का विषय माना गया। इस अवसर पर सभा के प्रधान नंद लाल वैद, संगठन सचिव संदीप छिब्बर, सचिव अशोक दत्ता, सदस्य सुनील दत्ता, अजय वैद और संजीव बाली उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का संघ के पदाधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए आरएसएस के आदरणीय सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डाला और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने संघ के ध्येय ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से समाज को जोड़ने का आह्वान किया।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख आयाम—पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और स्व का बोध (स्वदेशी)—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनों एवं मोहयाल सभा के सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर डॉ. कृष्ण गोपाल ने सरलता, शालीनता और विनम्रता के साथ दिए।
गोष्ठी के पश्चात जालंधर मोहयाल सभा के सदस्यों ने संघ के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ संवाद किया और संघ द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक अभियान ‘पंच परिवर्तन’ की सराहना की। साथ ही, सभा की ओर से इन प्रयासों में हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया गया।



