भक्ति, सम्मान और उल्लास का संगम—परशुराम जयंती पर 34 वरिष्ठों का अभिनंदन

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जालंधर: 19 अप्रैल जालंधर मोहयाल सभा द्वारा भाई मति दास छिब्बर मोहयाल आश्रम, लिंक रोड में भगवान परशुराम जयंती, डायमंड जुबली (1950–2025) के समापन अवसर पर वरिष्ठ मोहयालों का सम्मान और वैसाखी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन एवं वरिष्ठ सदस्यों द्वारा ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों मोहयाल परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सभा के संगठन सचिव संदीप छिब्बर ने भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों और प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम ने न्याय, धर्म और नैतिकता की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया तथा भीष्म, द्रोण और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शस्त्रविद्या का ज्ञान दिया।

सभा के सचिव अशोक दत्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मोहयाल समाज सदैव भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलते हुए समाज सेवा और धर्म रक्षा में अग्रणी रहा है। उन्होंने युवाओं से इन आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

उपाध्यक्ष डॉ. एम.बी. बाली ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन आपसी एकता और भाईचारे को सुदृढ़ करते हैं तथा भावी पीढ़ी में मोहयालियत की भावना जागृत करने में सहायक होते हैं।

कार्यक्रम का संचालन विशाखा दत्ता और अनु छिब्बर ने प्रभावशाली ढंग से किया। डॉ. अजय दत्ता ने अक्षय तृतीया के महत्व और उससे जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों पर प्रकाश डाला तथा सिख गुरुओं के प्रति श्रद्धा रखने वाले मोहयाल वीरों के बलिदानों का उल्लेख किया।

इस अवसर पर कीर्ति मेहता, विशाल मेहता, विक्रांत दत्ता, संगीता मोहन, तृप्ता मोहन, शशि बाली, राज दत्ता, विशाखा दत्ता, हर्ष दत्ता, साक्षी वैद, मधु वैद, सुमन दत्ता और सुदर्शना बाली सहित अन्य कलाकारों ने भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

सभी ने भगवान परशुराम जी की आरती के उपरांत प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में डायमंड जुबली वर्ष के उपलक्ष्य में 70 वर्ष से अधिक आयु के 34 वरिष्ठ मोहयालों को उनके उत्कृष्ट योगदान, निस्वार्थ सेवा और समाज उत्थान में भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति-चिह्न, सिरोपा एवं मोती माला पहनाकर सम्मान प्रदान किया गया। जिन वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति संभव नहीं हो सकी, उन्हें आगामी बैठक में सम्मानित किया जाएगा।

सभा के प्रधान नंद लाल वैद ने कहा कि बुजुर्ग समाज की नींव होते हैं और उनका अनुभव हमें जीवन में आगे बढ़ने की दिशा देता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान जारी रहेगा। इस अवसर पर नए सदस्यों एवं समाज में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की सफलता में सभा के पदाधिकारियों एवं महिला विंग की सदस्याओं—विशाखा दत्ता, अनु छिब्बर, प्रवीण दत्ता, नीरज दत्ता और संगीता मोहन—का विशेष योगदान रहा। समारोह में विनोद बक्शी, जतिंदर दत्ता, विकास दत्त, मुकेश वैद, भवनेश बाली, सुमित मोहन, वंदना शर्मा, करण बाली, राज रानी बाली, गुलशन दत्ता, मोनिका दत्ता, विभाग वैद, माधवी दत्ता, शैली मोहन, पलक मोहन, वेदिका मोहन, रेनू दत्ता सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

तीसरे चरण में वैसाखी सेलिब्रेशन पंजाबी गीतों के साथ शुरू हुआ। विशाखा दत्ता और अनु छिब्बर ने पंजाबी टप्पों की शानदार प्रस्तुति दी, जबकि बच्चों—आयुष दत्ता, तन्मय, वेदिका, पलक और अंशिका दत्ता—ने नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। माधवी दत्ता ने भी डीजे पर पंजाबी गीतों पर आकर्षक प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर प्रधान नंद लाल वैद ने 21,000 रुपये का चेक सभा को भेंट करते हुए भवन की ऊपरी मंजिल पर कमरों के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। सुरेंद्र मोहन मेहता ने 5,100 रुपये का सहयोग दिया। अन्य दानदाताओं की सूची अलग से प्रकाशित की जाएगी।

अंत में सभा के महासचिव एस.के. दत्ता ने सभी का धन्यवाद करते हुए परशुराम जयंती की शुभकामनाएं दीं और सभा की आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की।

समापन अवसर पर “आओ खुशियां मिल बांटें” कार्यक्रम के तहत अनिल बाली और उमेश बख्शी ने संयुक्त रूप से केक काटकर जन्मदिन की खुशियां मनाईं। सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया।

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