आज 30 जनवरी को मोहयाल समाज के महान स्तंभ, प्रख्यात इतिहासकार एवं चिंतक, स्वर्गीय श्री राम तीर्थ मोहन (आर.टी. मोहन) की शताब्दी जयंती पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। स्व. आर.टी. मोहन मोहयाल सभा पंचकूला तथा जनरल मोहयाल सभा (जीएमएस) दिल्ली के आजीवन सम्मानित सदस्य रहे।
(मोहयाल सभा की एक बैठक में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल बीकेएन छिब्बर पूर्व गवर्नर पंजाब के साथ)
स्व. आर.टी. मोहन ने मोहयाल समाज के इतिहास को संजोने और उसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने मोहयाल इतिहास, विशेष रूप से छिब्बर वंश तथा मोहन वंश के इतिहास पर लेखन किया। समाज के लिए वह किसी चलता-फिरता विश्वकोश से कम नहीं थे। मोहयाल समाज से जुड़े किसी भी जटिल या अनसुलझे विषय पर उनका मार्गदर्शन सदैव प्रेरणास्रोत रहा।
उनकी विरासत आज भी समाज में जीवंत है। उनके दामाद श्री वी.के. मेहता वर्ष 2015 से मोहयाल सभा पंचकूला में वित्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनके सुपुत्र ब्रिगेडियर डी.के. मोहन, जो वर्तमान में संदीप विहार, एडब्ल्यूएचओ कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-20, पंचकूला में निवास कर रहे हैं, अपने पिता के गौरवशाली मूल्यों और परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
( मोहयाल रत्न रायजादा बीडी बाली की स्मृति में भाई मतिदास सोसायटी, सेक्टर 22 पंचकुला में लगाएं गए वृक्ष के समय का यादगार चित्र )
इस अवसर पर मोहयाल सभा पंचकूला के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्व. आर.टी. मोहन को उनकी 100वीं जयंती पर शत-शत नमन करते हुए, उन्हें हृदय से श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज के लिए उनके योगदान को सदा स्मरणीय बताया। आज स्वर्गीय श्री टी आर मोहन का आर्शीवाद स्वर्गलोक से सदैव मोहयाल समुदाय एवं समस्त परिवारजनों को मिलता रहेगा।
श्रद्धांजलि सहित,
सुभाष छिब्बर
अध्यक्ष
एवं प्रबंध समिति के समस्त सदस्य
मोहयाल सभा पंचकूला
समाचार प्रस्तुति: सुभाष छिब्बर मोहयाल मित्रम् के वरिष्ठ मित्र




