• भाई परमानंद छिब्बर
सुप्रसिद्ध शिक्षाविद और क्रांतिकारी। लाहौर षड्यंत्र केस में आजीवन कारावास की सजा मिली।
• भाई बालमुकुंद छिब्बर
लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने के आरोप में 8 मई 1915 को दिल्ली में फांसी दी गई।
• राम रखा वाली
पांडव षड्यंत्र कांड में अंडमान जेल भेजे गए। वहीं सन 1919 में बलिदान दिया।
• पंडित अमीर चंद हिमालय
आजीवन देश निकाले की सजा हुई, जो बाद में रद्द कर दी गई। चार बार जेल गए।
• बख्शी लालचंद छिब्बर
शाहपुरा की जेल में तीन साल का कारावास। वहीं ज़हर देकर मार दिया गया। उस समय आयु मात्र 25 वर्ष थी।
• चौधरी राम भज दत्त
अनेक बार जेल यात्रा की। महात्मा गांधी उनके घर ठहरते थे।
• चौधरानी सरला देवी
चौधरी राम भज दत्त की क्रांतिकारी पत्नी। रविंद्रनाथ टैगोर की भांजी। सन 1905 में शांति निकेतन में विवाह हुआ, जिसमें महात्मा गांधी और मोतीलाल नेहरू शामिल हुए।
संगीतकार व नाटककार सरला देवी दत्त ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के गीत वंदे मातरम् की धुन तैयार की।
• श्रीमती यशोदा देवी वाली
सन 1932 में सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व करते हुए जेल गईं। चौधरी राम भज दत्त की भतीजी।
• कविराज ओम प्रकाश दत्त
शहीद भगत सिंह के साथी, बम बनाने में सहयोगी। विभाजन के बाद जालंधर में भारतीय जनता पार्टी की टिकट से चुनाव जीत कर विधायक बनें।
• चौधरी कृष्ण गोपाल दत्त
सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया। अनेक बार जेल गए।
• चौधरी राम सिंह दत्त
गुरदासपुर के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी। गदर पार्टी की ओर से 1932 में मास्को भेजे गए।
सन 1935 में भारत लौटने पर नज़रबंद। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया। इस्तांबुल, एथेंस और जद्दाह में बंदी रहे।
• दीन दयाल शास्त्री (छिब्बर)
अनेक बार जेल गए। स्वतंत्रता के पश्चात 20 वर्षों तक हरिद्वार से विधान सभा चुनाव जीतते रहे।
• पत्रकार अविनाश चंद्र बाली लाला लाजपत राय के निजी सचिव रहे। अनेक बार जेल गए।
• सुमद्रा जोशी (दत्त) बचपन से क्रांतिकारी रहीं। अनेक बार जेल गईं। स्वतंत्रता के पश्चात सांसद रहीं।
• स्वामी ओमेश्वरानंद क्रांतिकारी रहे। स्वतंत्रता सेनानियों के संदेश लाने-ले जाने के लिए वानर सेवा बनाई।
अनेक मोहयालों ने देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, अनेक बार जेल गए और अंग्रेजों की यातनाएं सहीं। उन सबको नमन!
इतिहास के पन्नों से। प्रस्तुति मोहयाल मित्रम्


